क्या आपने कभी सोचा है—हर महीने पूर्णिमा और अमावस्या क्यों आती है?
आइए
इस रोचक रहस्य को
सरल भाषा में समझते
हैं।
🌕 1. पूर्णिमा क्या है? क्यों दिखता है चंद्रमा “पूरा”?
यह तब होता है
जब:
- पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य इस क्रम में होते हैं:
- सूर्य की रोशनी चंद्रमा की पूरी सतह पर पड़ती है
- और वह प्रकाश पृथ्वी से पूरी तरह दिखाई देता है
इस स्थिति को Full Moon Phase कहते हैं।
🌕 धार्मिक महत्व
भारत
में कई पर्व पूर्णिमा
पर ही आते हैं:
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पर्व |
महत्व |
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गुरु पूर्णिमा |
गुरु को समर्पित दिवस |
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कार्तिक पूर्णिमा |
गंगा स्नान व दीपदान |
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बुद्ध पूर्णिमा |
बुद्ध का जन्म, ज्ञान
और निर्वाण |
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श्रावण पूर्णिमा |
रक्षाबंधन का पर्व |
🌕 पौराणिक मान्यता
🌕 वैज्ञानिक तथ्य
पूर्णिमा
के दिन:
- समुद्री ज्वार सबसे ऊँचे होते हैं
- मानव मन में सकारात्मक उत्तेजना अधिक महसूस होती है
- कुछ शोधों के अनुसार नींद हल्की हो सकती है
🌑 2. अमावस्या क्या है? चंद्रमा दिखाई क्यों नहीं देता?
यह तब होता है
जब:
- चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी एक सीध में होते हैं
- सूर्य की रोशनी चंद्रमा के उस हिस्से पर पड़ती है जो हमें दिखाई नहीं देता
- इसलिए चंद्रमा काले आकाश में “गायब” जैसा लगता है
🌑 धार्मिक / पौराणिक महत्व
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अमावस्या |
महत्व |
|
दीपावली की अमावस्या |
माता लक्ष्मी का विशेष पूजन |
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सोमवती अमावस्या |
दांपत्य सुख व संतान लाभ |
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शनि अमावस्या |
शनि दोष शांति |
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पितृ अमावस्या |
पूर्वजों को तर्पण |
🌑 वैज्ञानिक दृष्टिकोण
अमावस्या
की रात:
- आकाश सबसे अंधकारमय होता है
- खगोलीय अवलोकन (तारों, ग्रहों) के लिए सर्वोत्तम समय
- मन introspection (आत्मचिंतन) की ओर झुकता है
🌓 3. शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष क्या हैं?
🌖 कृष्ण पक्ष (Waning Phase)
- शुरू होता है पूर्णिमा के अगले दिन से
- समाप्त होता है अमावस्या पर
- चंद्रमा प्रतिदिन “घटता” है
🌒 शुक्ल पक्ष (Waxing Phase)
- शुरू होता है अमावस्या के अगले दिन से
- समाप्त होता है पूर्णिमा पर
- चंद्रमा प्रतिदिन “बढ़ता” है
🌙 4. चंद्र चक्र कैसे चलता है? (Moon Cycle Explained)
चंद्रमा
के प्रमुख चरण:
|
क्रम |
चरण |
क्या होता है |
|
1 |
अमावस्या |
चंद्रमा अदृश्य |
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2 |
शुक्ल पक्ष |
चंद्रमा बढ़ता है |
|
3 |
पूर्णिमा |
चंद्रमा पूरा दिखाई देता है |
|
4 |
कृष्ण पक्ष |
चंद्रमा घटता है |
यह चक्र कभी नहीं
रुकता और यही भारत
के सारे त्योहारों और
तिथियों की नींव है।
🧘♂️ 5. क्या पूर्णिमा और अमावस्या मन पर असर डालते हैं?
हाँ,
कई वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया
है कि चंद्रमा का
हमारे शरीर पर हल्का
प्रभाव पड़ता है।
🌕 पूर्णिमा पर:
- नींद हल्की हो सकती है
- ऊर्जा और उत्साह बढ़ सकता है
- संवेदनशील लोग अधिक “भावुक” हो सकते हैं
🌑 अमावस्या पर:
- मन शांत, स्थिर
- ध्यान गहरा
- आत्मनिरीक्षण आसान
क्योंकि
हमारा शरीर 70% पानी है और
चंद्रमा समुद्री ज्वार पर प्रभाव डालता
है; इसी तरह वह
शरीर की bio-rhythms पर भी कुछ
हद तक प्रभाव डालता
है।
📌 6. कैलेंडर, व्रत, पूजा और चंद्रमा
चंद्रमा
भारत के सभी महत्वपूर्ण
त्योहार तय करता है।
🌕 पूर्णिमा पर आने वाले प्रमुख त्योहार:
- गुरु पूर्णिमा
- होलिका दहन (फाल्गुन पूर्णिमा)
- कार्तिक पूर्णिमा
- रक्षाबंधन
🌑 अमावस्या पर आने वाले प्रमुख त्योहार:
- दीपावली
- महालय अमावस्या
- मौनि अमावस्या
🌍 7. दैनिक जीवन में पूर्णिमा–अमावस्या का प्रभाव
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तिथि |
क्या करें |
क्या टालें |
|
पूर्णिमा |
ध्यान, दान, परिवार के साथ समय |
भारी निर्णय (यदि मन अस्थिर हो) |
|
अमावस्या |
पितृ तर्पण, साधना |
बड़े नए कार्य |
🔚 निष्कर्ष
❓ FAQs
1. पूर्णिमा
और अमावस्या कितने दिनों के अंतर पर आती हैं?
हर लगभग 15 दिन में एक आती
है। पूरी चंद्र यात्रा
29.53 दिनों की होती है।
2. क्या
पूर्णिमा का मन और शरीर पर असर होता है?
कुछ
वैज्ञानिक अध्ययनों में हल्के प्रभाव
पाए गए हैं जैसे
नींद का बदलना, भावनात्मक
संवेदनशीलता।
3. क्या
अमावस्या अशुभ होती है?
नहीं।
यह एक प्राकृतिक खगोलीय
घटना है। धार्मिक मान्यताओं
में इसे साधना और
पितृ तर्पण के लिए विशेष
माना गया है।
4. शुक्ल
पक्ष में क्या करना शुभ माना जाता है?
नए कार्य, विवाह, गृह प्रवेश, पूजा—all
शुभ माने जाते हैं।
5. कृष्ण
पक्ष में ध्यान क्यों किया जाता है?




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